वास्तुविदों का राष्ट्रीय अधिवेशन : पौराणिक वास्तुकला की ओर फिर से लौट रहे देश के वास्तुविद

रायपुर ।  राजधानी रायपुर में दो दिवसीय वास्तुविदों का राष्ट्रीय अधिवेशन आयोजित किया जा रहा है। इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ आर्टिटेक्स छत्तीसगढ़ चैप्टर की ओर से आयोजित अधिवेशन का आगाज साइंस कालेज दीनदयाल ऑडिटोरियम में हुआ। इस अधिवेशन में देश विदेश से लगभग 500 वास्तुविद शामिल हुए।  वास्तुविदों ने इस अवसर पर आर्किटेक में हो रहे बदलाव के बारे में बताया। साथ ही इस दौर में पौराणिक तरीके से कैसे घर बनाया जाए इस पर भी विचार किया गया।

बता दें कि इन वास्तुविदों का काम न सिर्फ़ बिल्डिंग का डिजाइन करना है बल्कि इन वास्तुविदों ने कई ऐसे प्राकृतिक मेटेरियल का अविष्कार किए हैं जिससे इस दौर में घरों को पारंपरिक तरीके से बनाया जा सकता है।

देश के इन वास्तुविदों का कई ऐसे आर्किटेक्ट्स आए हैं जो कई फिल्मी सितारों के घर, वेनेटी वेन, अंबानी, अदानी के घरों और कई ऐतिहासिक भवनों की डिजाइन किए है।

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कार्यक्रम में बतौर अतिथि शामिल हुए विधायक विकास उपाध्याय ने कहा कि रायपुर के लिए यह गौरव का पल है कि देश विदेश के वास्तुविद यहां पहुंचे और अपने आइडिया शेयर किए।  इससे हमारे यहां के वास्तुविदों का न सिर्फ ज्ञान बढ़ेगा बल्कि वह भी कुछ नया करने का कोशिश करेंगे।

उन्होंने कहा कि इससे पहले यह अधिवेशन महानगरों में हुआ करता था। आज राजधानी में हो रहा है यह बड़ी बात है ।  वास्तुविद और इंजीनियरों का स्वागत छत्तीसगढ़ के लोक कला और सांस्कृतिक की झलकियां प्रस्तुत कर किया गया।  इसमें गेड़ी नृत्य पंथी नृत्य राउत नाचा और करमा नृत्यों की प्रस्तुति देकर मेहमान आए हुए वास्तुविद को छत्तीसगढ़ की महक हर संस्कृति की झलक दिखाई।

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