CM Baghel wrote a letter to PM Modi : बाजरे के समर्थन मूल्य पर खरीदी की मांगी अनुमति

CM Baghel wrote a letter to PM Modi :

CM Baghel wrote a letter to PM Modi :

 

जनधारा 24 न्यूज डेस्क।CM Baghel wrote a letter to PM Modi :

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को पत्र लिखकर उनसे

बाजरा फसलों के उत्पादन एवं उपभोग को बढ़ावा देने की मांग की।

CM Baghel wrote a letter to PM Modi :

CM Baghel wrote a letter to PM Modi :  सीएम बघेल ने बाजरे की

खेती को जन आंदोलन बनाने के लिए पहल करने का आग्रह किया है।

मुख्यमंत्री ने पत्र में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम अन्तर्गत वितरित किये जाने वाले अनाजों,

मध्यान्ह भोजन कार्यक्रम, महिला बाल विकास विभाग की ओर से दिये जा रहे पोषण आहार

तथा आश्रम-छात्रावासों के छात्रों को दिये जा रहे रियायती अनाज में 20 से 25 प्रतिशत

मात्रा मिलेट फसलों की शामिल करने की बात लिखी है।

केन्द्र सरकार ने राज्य सरकारों को बाजरे की फसलों के

न्यूनतम समर्थन मूल्य पर संग्रहण करने के संबंध में

निर्णय लेने की अनुमति प्रदान करने की बात लिखी है।

Request to declare year 2023 as millet year

सीएम बघेल ने आगे लिखा है कि राज्य सरकारों को रियायती दर पर

अनाज वितरण तथा पोषण आहार से संबंधित योजनाओं में उपयोग हेतु

रियायती दर पर मिलेट प्रदाय करने का निर्णय लेने की बात भी लिखी है।

मुख्यमंत्री ने पत्र में लिखा है कि संयुक्त राष्ट्र संघ ने भारत सरकार की

पहल पर वर्ष 2023 को अन्तर्राष्ट्रीय मिलेट वर्ष घोषित किया है।

 

The Chief Minister enumerated the benefits of Millet

सीएम बघेल ने लिखा है कि एनीमिया एवं कुपोषण के नियन्त्रण में मिलेट

फसलों की महत्वपूर्ण भूमिका हो सकती है।

दुर्भाग्य से विगत वर्षों में विपणन व्यवस्था के चलते देश में

मिलेट फसलों के उत्पादन में कमी आयी है।

मुख्यमंत्री बघेल ने छत्तीसगढ़ में मिलेट फसलों को बढ़ावा देने के

उपायों की जानकारी दी। उन्होंने पत्र में लिखा है कि

छत्तीसगढ़ राज्य में मिलेट फसलों के उत्पादन को

बढ़ावा देने हेतु मिलेट मिशन की स्थापना की गई है।

 

Promotion of Kodon, Kutki and Ragi cultivation

इसके साथ ही राज्य में पैदा होने वाले कोदो, कुटकी एवं रागी का

न्यूनतम समर्थन मूल्य घोषित कर इनके संग्रहण एवं विपणन की

पुख्ता व्यवस्था की गयी है। राज्य में इन मिलेट उत्पादकों को

9,000 रूपए प्रति एकड़ इनपुट सब्सिडी भी दी जा रही है।

भारत के किसी भी राज्य में मिलेट फसलों के उत्पादकों को

इतनी अधिक सहायता नहीं दी जा रही।

 

छत्तीसगढ़ में बढ़ा मिलेट फसलों का रकबा

सीएम ने पत्र में लिखा है कि विगत 02 वर्षाे में राज्य में मिलेट फसलों के

रकबे एवं उत्पादन में दो गुना से अधिक वृद्धि हुई है।

मुख्यमंत्री ने पत्र में लिखा है कि बाजरे की फसलों के

उत्पादन एवं उपभोग को बढ़ावा देने तथा इसे

जन आन्दोलन बनाया जाना निहायत जरूरी है।

 

छात्रों को मिलने वाले आनाज में 25 फीसदी मात्रा बाजरे की

राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम अन्तर्गत वितरित किये जाने वाले अनाजों,

मध्यान्ह भोजन कार्यक्रम, महिला बाल विकास विभाग की ओर से दिये जा रहे

पोषण आहार तथा आश्रम-छात्रावासों के छात्रों को दिये जा रहे रियायती

अनाज में 20 से 25 प्रतिशत मात्रा बाजरे की फसलों की हो।

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केन्द्र सरकार ने यदि राज्य सरकारों को मिलेट फसलों के

न्यूनतम समर्थन मूल्य पर संग्रहण करने एवं उक्त योजनाओं में

उपयोग हेतु रियायती दर पर प्रदाय करने का निर्णय लिया गया।

तो इससे बाजरे की फसलों के उत्पादन एवं उपभोग में

अभूतपूर्व वृद्धि हो सकेगी। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री से संबंधित विभागों को

उपरोक्तानुसार निर्णय शीघ्र करने के निर्देश प्रसारित करने का भी आग्रह किया है।

ऐसे में देखने वाली बात ये होगी कि पीएमओ से इस पर क्या निर्णय होता है।

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