सुरक्षाबलों के लिए उपलब्धियों भरा रहा साल 2022, बस्तर में नक्सलवाद अपने अन्तिम पड़ाव पर : बस्तर आईजी सुंदरराज पी

बस्तर। नक्सलियों का गढ़ माने जाने वाले पूरे बस्तर संभाग में बीते साल नक्सलियों पर पुलिस फोर्स के जवान भारी पड़े. सुरक्षा बालों और नक्सलियों के बीच हुई झड़पों में नक्सलियों को मैदान छोड़कर भागना पड़ा. नक्सलियों के कोर एरिया में केंद्रीय सुरक्षा बालों के जवानों के लिए 15 नए कैंपो की स्थापना की गयी हैं. इसी का नतीजा है कि अब बस्तर में नक्सलियों के पैर उखड़ने लगे हैं.

 

आईजी सुंदरराज पी के मुताबिक, पिछले एक साल से बस्तर में नक्सल ऑपरेशन पर राज्य और केंद्र सरकार के द्वारा विशेष ध्यान दिया जा रहा है. जिन इलाकों को नक्सलियों ने कब्ज़ा कर रखा था, वहां भी फोर्स द्वारा पहुंचकर कैंप खोलने के साथ-साथ विकास कार्यों को गति प्रदान की जा रही है.

 

बस्तर के सुदूर इलाकों में पहले आए दिन नक्सलियों द्वारा निर्माण कार्य के दौरान काम में लगे लोगों से मारपीट और निर्माण कार्य में लगी गाड़ियों को जलाने जैसी वारदातें होती रहती थी. लेकिन अब ऐसा नहीं हैं, सुरक्षा बालों के जवानों की सुरक्षा में सड़कों का निर्माण तेजी से हो रहा हैं, जिसका फायदा ग्रामीणों को मिल रहा है.

 

 

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बस्तर संभाग में साल 2022 के दौरान सुरक्षा बलों की बड़ी उपलब्धियाँ –

 

आईजी सुंदरराज पी ने बताया कि साल 2022 के दौरान सुरक्षा बलों और नक्सलियों के बीच हुई मुठभेड़ में 32 नक्सलियों को ढेर किया गया. जिनके पास से 62 हथियार बरामद किए गए हैं, वही 290 नक्सलियों को गिरफ्तार किया गया है, नक्सलियों के द्वारा अलग-अलग जगहों पर लगायी गयी 120 आईडी को जवानों ने निकाल कर निष्क्रिय किया.

 

बीते साल 400 से ज्यादा नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है, इस दौरान पुलिस और नक्सलियों के बीच हुई मुठभेड़ में 9 जवानों की शहादत हुई. उम्मीद हैं कि बस्तर संभाग में 2022 के दौरान जैसी सफलताएं मिली है, उसी प्रकार से 2023 में भी सफलता मिलेंगी.

 

 

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