सिरदर्द, न करें नजरअंदाज, हो सकता है घातक

यदि बार-बार सिरदर्द हो रहा है तो इसे हल्के में न लें। सिरदर्द सबसे कॉमन बीमारियों में से एक है। बहुत से लोग तो सिरदर्द को बीमारी समझते भी नहीं हैं क्योंकि उन्हें लगता है कि ये समस्या तो सभी लोगों को कभी न कभी होती है और वे सिरदर्द के लिए कोई इलाज भी नहीं करवाते हैं।

वैसे तो सिरदर्द के कई कारण हो सकते हैं जैसे- किसी तरह का स्ट्रेस, एलर्जी, लो ब्लड शुगर या हाई ब्लड प्रेशर आदि। लेकिन क्या आप जानते हैं कि एसिडिटी की वजह से भी सिर में दर्द की दिक्कत हो सकती है। पेट में बहुत अधिक एसिड बनने लग जाए तो इसकी वजह से सिरदर्द होने लगता है।

इस वजह से हो सकता है गैस्ट्रिक हेडएक
इसे गैस्ट्रिक हेडएक कहते हैं और यह दिक्कत अपच या बदहजमी की वजह से होती है। सही तरीके से पाचन न हो तो पेट में गैस बनने लगती है जिसकी वजह से सिर में एक तरफ दर्द होने लगता है. शरीर में कार्बन डाइऑक्साइड गैस के बढ़ने की वजह से यह सिरदर्द शुरू होता है. जब हमारा शरीर कार्बोहाइड्रेट और शुगर को अच्छी तरह से पचा नहीं पाता है तो पेट में गैस बनने लगती है और इसी वजह से गैस्ट्रिक हेडएक होता है।
बार-बार सिरदर्द से हो सकता है अल्सर का खतरा
कई रिसर्च में भी यह बात सामने आयी है कि जिन लोगों को बार-बार सिरदर्द की समस्या रहती है उनमें पेट और पाचन से जुड़ी बीमारियां अधिक होने का खतरा रहता है। खासकर पेट में अल्सर या पेप्टिक अल्सर जैसी गंभीर बीमारी भी हो सकती है। रिसर्च की मानें तो जिन लोगों को नियमित रूप से डायरिया, कब्ज, जी मिचलाना या एसिड रिफ्लक्स की दिक्कत होती है उनमें सिरदर्द या माइग्रेन होने का खतरा अधिक होता है उन लोगों की तुलना में जिन्हें गैस्ट्रिक से जुड़े ये लक्षण नहीं होते हैं।
रिसर्च की मानें तो अगर पाचन से जुड़ी समस्याओं का इलाज समय पर और सही तरीके से कराया जाए तो सिरदर्द और माइग्रेन की दिक्कत को गंभीर होने से रोका जा सकता है। गैस्ट्रिक हेडएक की समस्याओं से छुटकारा पाने के लिए आप दवा की जगह कुछ घरेलू नुस्खों का भी इस्तेमाल कर सकते हैं, जैसे- आधा गिलास छाछ में 1 चम्मच धनिया का जूस मिलाकर पीने से सिरदर्द और एसिडिटी दोनों से राहत मिल सकती है। 8-10 तुलसी का पत्ता चबाएं इससे भी सिरदर्द और एसिडिटी की समस्या दूर हो सकती है।
सिरदर्द के कारण
आमतौर पर सिरदर्द नींद पूरी न होने, दांतों में दर्द होने, थकान होने, गलत दवा लेने, आंखें कमजोर होने पर हो सकता है। इसके अलावा चिंता, तनाव, पेट में गैस का बनना, अनियमित जीवनशैली, खानपान आदि सिरदर्द होने के आम कारण हैं। परंतु सिरदर्द होने का कारण बदलता मौसम भी होता है। कई लोगों में मौसम के बदलने पर सिरदर्द होने की समस्या होने लगती है। यदि सही समय पर डॉक्टर की सलाह न ली जाए तो सिरदर्द किसी बड़ी बीमारी का संकेत भी हो सकता है। इस कारण निम्न समस्याएं हो सकती हैं।
– -ब्लड प्रेशर का सामान्य से अधिक होना, जिससे दिमाग की नसों के क्षतिग्रस्त होने की आशंका बढ़ जाती है।
– ब्रेन ट्यूमर।
-ब्रेन हैमरेज।
-खोपड़ी में तरल पदार्थ का बनना, जिससे मस्तिष्क में सूजन आ सकती है।
– कार्बन मोनोक्साइड पॉइजनिंग।
– ब्रेन या ब्रेन के टिश्यू में संक्रमण हो जाना।
– दिमाग में रक्त पहुंचने वाली आर्टरी में सूजन आना।
– किसी प्रकार की चोट का लगना, जिससे दिमाग में रिसाव हो सकता है।

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