पत्नी और मासूम बेटे की भूख ने इंजीनियर को बना दिया अपराधी

जगदलपुर। वैसे तो लाकडाउन के दौरान की ढेरों घटनाएं आपने पढ़ीं और सुनी होंगी, लेकिन इंजीनियर शुभम रामटेके के प्रेम विवाह के बाद पहले परिवार और फिर नौकरी छूटने, तंगी के हालात में पत्नी और सालभर के बेटे की भूख मिटाने के लिए अपराधी बन सलाखों के पीछे चले जाने का मामला भीतर तक झकझोर देगा। पुलिस ने भी एक तरफ जहां अपना कर्तव्य निभाते हुए युवक को गिरफ्तार किया, वहीं उसकी दास्तां सुन इंसानियत भी दिखाई और युवक की पत्नी को मासूम के साथ उसके मायके नागपुर भेज दिया।

श्ाुभम की जिंदगी में करीब सालभर में आए उतार-चढ़ाव किसी मुंबइया फिल्म की कहानी से कम नहीं है। नागपुर निवासी शुभम सिविल में इंजीनियरिंग है। पिता अच्छे-खासे कारोबारी हैं। उनकी पांच ट्रकें भी चलती हैं। दरअसल, करीब सालभर पहले नागपुर की ही एक युवती पायल से प्रेम हो गया। जीवनभर साथ निभाने का वादा किया और श्ाादी कर ली। युवती दूसरे समाज से थी, इससे श्ाुभम के स्वजन नाराज हो गए और उसे घर से निकाल दिया। इसी दौरान लाकडाउन लग गया और नौकरी भी चली गई। रिश्ता जोड़ा था, सो निभाना भी था।

कोतवाली थाना प्रभारी उपनिरीक्षक पीयूष बघेल जब श्ाुभम को गिरफ्तार करने शांतिनगर स्थित उसके निवास में पहुंचे तो पायल और मासूम को रोते-बिलखते देखा। पायल ने बताया कि बेटा भूखा है। पति के बिना यहां असुरक्षित महसूस कर रही है। इस पर बघेल ने विभागीय अवकाश्ा लेकर पायल को उसके मायके निर्मल कालोनी नारारोड, झारीपटना नागपुर लेकर पहुंचे और उसके स्वजनों के सुपुर्द कर दिया।

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