Strong Police Force of Durg: रंजीत सिंह हत्याकांड के Master Mind BJYUMO Leader को विशाखापट्टनम से किया गिरफ्तार, मददगारों पर भी लटकी तलवार

 

रमेश गुप्ता

जनधारा 24 न्यूज डेस्क। Strong Police Force of Durg: दुर्ग पुलिस एकबार फिर से दमदार साबित हुई है।

कैंप -1 के साईं नगर में हुई सनसनीखेज कत्ल की वारदात में जबर्दस्त कार्रवाई हुई है।

दुर्ग पुलिस ने प्रदेश के चर्चित रंजीत हत्याकांड के Master Mind BJYUMO Leader को विशाखापट्टन के एक होटल से दबोचा है।

अरेस्ट हुआ आरोपी बेहद ही रसूखदार बताया जा रहा है।

बताया तो ये भी जा रहा है कि ये मास्टर माइंड कोई और नहीं बल्कि Master Mind BJYUMO Leader लोकेश पाण्डेय है।

ये इस मामले का 7 वां आरोपी बताया जा रहा है। इसके सात साथियों को दुर्ग पुलिस सलाखों के पीछे पहुंचा चुकी है।

तो वहीं एक अदद आरोपी अभी फरार बताया जा रहा है।

आज इस मामले का खुलासा एएसपी संजय ध्रुव ने पुलिस कंट्रोल रूम में किया।

Sensational disclosure of Strong Police Force of Durg

दुर्ग की दमदार पुलिस के एएसपी संजय ध्रुव ने पत्रकारवार्ता के दौरान तमाम सनसनीखेज खुलासे किए हैं।

उन्होंने ये भी बताया कि इस मामले का एक अदद आरोपी अभी भी पुलिस टीम के साथ आंख मिचौली खेल रहा है।

उसको भी जल्दी ही हमारी टीम अरेस्ट कर लेगी।

तो वहीं इस हत्याकांड की असल वजह ऑनलाइन सट्टा और लेनदेन को बताया जा रहा है।

what was shown in cctv footage

एएसपी ध्रुव ने पत्रकारों को बताया कि पुलिस की जांच में जो मारपीट व वारदात के सीसी टीवी फुटेज मिले हैं ।

उसमें बदमाश बेखौफ नजर आ रहे हैं।

बार बार मोबाइल से सेल्फी खींच रहे थे।

पूछताछ के दौरान यह बात सामने आई लोकेश पाण्डेय इस हत्या कांड का मुख्य आरोपी है जिसे हमारी टीम ने विशाखा पट्नम से गिरफ्तार किया है।

The strong police Force of Durg, first caught them

इससे पहले साक्षरता चौक कैंप 1 निवासी सोना उर्फ जोश अब्राहम, साक्षरता चौक निवासी गणेश्वर उर्फ अमन भारती उर्फ टिम्पू, साक्षरता चौक निवासी बिसेलाल भारती उर्फ छोटू.

इंदिरा नगर सुपेला निासी पिन्टू उर्फ प्रीतम सिंह, साक्षरता चौक निवासी भूपेन्द्र साहू और शास्त्री नगर कैंप 1 निवासी निखिल साहू को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है।

8वां आरोपी निखिल एंजल उर्फ चीकू अभी भी फरार है।

मंगलवार को जब आरोपियों को घटना स्थल ले जाया गया .

तो लोग काफी आक्रोशित थे और लोगों ने ही इनके मुंह पर कालिख पोती थी।

How did the master mind of Ranjit murder get caught by the police

एएसपी संजय ध्रुव ने बताया कि हत्या के बाद लोकेश पाण्डेय फरार हो गया गया था।

इसके बाद वह छत्तीसगढ़, ओडिशा, आंध्र प्रदेश, विशाखाट्‌टनम और विजयनगरम आदि जगहों पर छिपता फिर रहा था।

पुलिस को चकमा देने के लिए लोकेश पाण्डेय मोबाइल, एटीएम कॉर्ड, लैपटॉप जैसी वस्तुओं का इस्तेमाल नहीं कर रहा था।

21 जून को लोकेश पाण्डेय ने विशाखाट्‌टनम स्थित होटल यामिनी में कमरा लिया।

चेक इन करने के लिए उसने आईडी के रूप में अपना आधार नंबर दिया।

जैसे ही होटल वाले ने आधार ऑनलाइन लिंक किया पुलिस को लोकेश का लोकेशन मिल गया।

इस मामले में पुलिस महादेव आईडी सट्टा पट्टी से जुड़े होने को लेकर भी जांच कर रही है ।

इसके बाद तुरंत एक टीम लोकेश पाण्डेय को गिरफ्तार करने वहां पहुंच गई।

पुलिस को एक अन्य आरोपी निखिल एंजल उर्फ चीकू की तलाश है।

पुलिस ने कहा है उसे भी जल्द गिरफ्तार किया जाएगा।

Action will also be taken against those who help

एएसपी ध्रुव ने कहा कि हत्या की वारदात को अंजाम देने के बाद सभी आरोपी अलग-अलग माध्यम से जिला छोड़कर फरार हो गए थे।

पुलिस इनकी मदद करने वालों पर भी कार्रवाई करेगी।

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जांच में पाया गया कि आरोपी गणेश्वर उर्फ अमन भारती की गर्लफ्रेंड ने अपनी स्कूटी से उसे राजनांदगांव तक छोड़ा था।

लोकेश पाण्डेय के एक साथी ने उसकी फार्चूनर कार को अपने यहां छिपाया था।

How many helpers in Ranjit murder case

पूरे केस में पांच से छह लोगों ने आरोपियों की प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से मदद की है।

इन सभी पर कार्रवाई की जाएगी।

पुलिस अफसरों ने ये बात भी दोटूक लहजे में कह दी कि कोई कितना भी रसूखदार हो उसे बख्शा नहीं जाएगा।

फिलहाल मामले की तहकीकात अभी भी जारी है।

Their Commendable Role

हत्याकांड के मास्टर माइंड को अरेस्ट करवाने में जिन लोगों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

उनमें डीएसपी अभिषेक झा , डीएसपी नसर सिद्धकी, सीएसपी कौशलेंद्र देव पटेल.

टी आई विशाल सोन एवं संतोष मिश्रा ये सभी खुलासे के वक्त मौजूद थे ।

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कार्रवाई में छावनी थाना सहायक उप निरीक्षक अजय सिंह एवं एंटी क्राइम साइबर दुर्ग से शमित मिश्रा.

प्रधान आरक्षक चंद्रशेखर बंजारी, आरक्षक रिंकू सोनी, रमेश पांडे ,अमित दुबे .

अरविंद मिश्रा विक्रांत कुमार, सत्येंद्र मढरिया, एवन बंछोर ,अनिल सिंह.

राकेश अन्ना और डी प्रकाश की उल्लेखनीय भूमिका थी।

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