Monsoon Session : पढ़िए इन आरोपों के साथ विपक्ष ने भूपेश सरकार के खिलाफ लाया अविश्वास प्रस्ताव

रायपुर: विधानसभा के मानसून सत्र में विपक्ष ने सरकार के विरुद्ध अविश्वास प्रस्ताव पेश किया है। विधानसभा के मानसून सत्र में विपक्ष ने सरकार के विरुद्ध अविश्वास प्रस्ताव पेश किया है। इस पर बुधवार को सदन में चर्चा होगी। करीब पौने चार वर्ष का कार्यकाल पूरा कर चुकी बघेल सरकार के विरुद्ध विपक्ष का यह पहला अविश्वास प्रस्ताव है।

आरोप पत्र

1. विश्वासघाती सरकार जिसने जन् घोषणा पत्र आत्मसात कर वादों को पूरा न कर जनता के साथ विश्वासघात किया।

3. नरवा घुरवा गुरुवा बाड़ी, कोई बजट नहीं है संगवारी वाली सरकार। धान खरीदी भ्रष्टाचार का उत्सव मनाने वाली सरकार।

4. गौठान व गोबर खरीदी के भ्रष्टाचार में उत्सव मनाने वाली सरकार।

5 धान मिलिंग में भ्रष्टाचार करने वाली सरकार।

6. प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना का जानबूझकर किसानों को लाभ न दिलाने वाली सरकार।

7. कर्जा में डूबा प्रदेश बेहाल अर्थव्यवस्था ।

8. शून्य पूंजी निवेश वाली सरकार।

9. फ्लैगशिप है बहुत सी योजना हमारी, लेकिन बजट की नहीं कोई तैयारी। 10. संवैधानिक संघीय ढांचे के सिद्धांत का पालन न करने वाली यह सरकार

11. मंत्रिमंडल में अंतर कलह, जनता का नहीं हो रहा भला । 12. माननीय मुख्यमंत्री पर माननीय मंत्री के विरुद्ध षड्यंत्र का आरोप वाली सरकार।

13. विपक्ष को कुचलने और उसका दमन करने की सोच वाली सरकार ।

14. जनप्रतिनिधियों से संबंधित प्रोटोकॉल को ध्वस्त करने वाली सरकार।

15. केंद्रीय मंत्री गणों के प्रोटोकाल का पालन न करने वाली सरकार।

16. विधायिका का अपमान करने वाली सरकार। 17. विपक्षी जनप्रतिनिधियों को विकास की राशि देने में भेदभाव करने वाली सरकार

18. स्वयं का स्वतंत्र अस्तित्व समाप्त करने का निर्णय न ले सकने वाली सरकार।

19 सवैधानिक पदों पर नियुक्तियों में नियमों का उल्लंघन करने वाली सरकार। 20. छत्तीसगढ़ को अपराधगढ़ बनाने वाली सरकार।

21. सरकार की कानून व्यवस्था ध्वस्त, अपराधी मस्त आम जनता का हौसला पस्त ।

22. प्रदेश को आत्महत्या व सामूहिक हत्या का प्रदेश बनाने वाली सरकार।

23. ठोस नक्सल नीति नहीं, नक्सल क्षेत्र में दोहरी प्रताड़ना के शिकार छत्तीसगढवासी ।

24. युवाओं को नशा उपलब्ध कराने वाली सरकार ।

25. शिक्षा व्यवस्था में रूकावत लाने वाली और छत्तीसगढ़ के भविष्य को अंधकारमय बनाने वाली सरकार।

26. स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी स्कूल भगवान के भरोसे नहीं कोई निधि का प्रावधान। 27. प्रदेश को कुपोषित और एनेमिक बनाने वाली सरकार।

28. सुपेबेड़ा जैसे ग्रामों के साथ झूठे वादे करने वाली सरकार। 29. सरकार के संरक्षण में धर्मांतरण तथा धर्मातरण से बदलती डेमोग्राफी, पुलिस अधीक्षक इस हेतु पत्र लिखने विवश ।

30. विशेष संरक्षित जनजातियों का शोषण करने वाली तथा मंत्रियों के द्वारा उनके जमीन को खरीदने वाली सरकार।

31. विशेष संरक्षित जनजातियों के अस्तित्व को मिटाने में तुली सरकार।

32. अनुसूचित जाति व अनुसूचित जनजाति वर्ग में हत्याएं व सामूहिक आत्महत्या की प्रवृत्ति को बढ़ाने वाली सरकार।

33. छत्तीसगढ़ की संस्कृति को विकृत करने की कोशिश करने वाली सरकार । 34. बुजुर्गों को अपमानित करने व उनके देखरेख में असफल सरकार

35. संस्थाओं के नामों को परिवर्तित करने की नवीन परंपरा डालने वाली सरकार। 36. प्रदेश के मंदिर ट्रस्टों का चुनाव न करने वाली व उनके व्यवस्थित रिकॉर्ड का संधारण न करवा पाने वाली सरकार।

37. भ्रष्टाचार बना शिष्टाचार, आकंठ भ्रष्टाचार में डूबी यह सरकार । 38. हसदेव अरण्य क्षेत्र में लूट, अस्तित्व का संकट ।

39. सेस का पैसा दुरुपयोग करने वाली सरकार।

40. ठेका वाली सरकार, हर जगह बिचौलियों की बहार ।

41. भू माफिया, सीमेंट माफिया, कोल माफिया लोहा माफिया, रेत माफिया, सरकारी सामग्री आपूर्ति माफिया व अनेक प्रकार के माफियाओं के भरोसे चलने वाली सरकार ।

42. सार्वजनिक धन का खुलकर दुरुपयोग करने वाली सरकार।

43. नदिया की धार बदलने वाली सरकार और गंभीर प्रदूषण फैलाने वाली सरकार।

44. तनखाखोर सलाहकारों के द्वारा सरकारी पैसे से राजनीतिक कार्य ।

45 कोरोना जैसी आपदा में भी भ्रष्टाचार का उत्सव मनाने वाली सरकार। 46. हसदेव बांगो के अस्तित्व को समाप्त करने में तुली सरकार।

47. सार्वजनिक वितरण प्रणाली के खाद्यान्न में भ्रष्टाचार करने में माहिर सरकार ।

48. खनिज न्यास निधि का में भ्रष्टाचार का बयार बहाने वाली है सरकार।

49 कैंपा निधि में अभूतपूर्व भ्रष्टाचार करने वाली सरकार ।

50. स्मार्ट सिटी बनी दुधारू गाय, गाइडलाइन का पालन नहीं सिर्फ पेड़ को पोतने और तालाब को सजाने के अलावा कोई कार्य नहीं करने वाली सरकार।

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51. खनिजों के आवंटन में लूट नियमों का खुला उल्लंघन करने वाली सरकार। 52. राजस्व विभाग में सिर्फ भ्रष्टाचार, न कोई नामांकन न कोई बटांकन, न कोई सीमांकन, अवैध प्लाटिंग संगठित उद्योग बनाने वाली सरकार जिसमें किसान व जनता त्रस्त और अधिकारी मस्त

53. निर्धन रोजगार भूमिहीन योजना में भारी भ्रष्टाचार करने वाली सरकार। 54. नगरीय निकायों में राशि आवंटन में व्यापक भ्रष्टाचार व शहर के विकास को अवरुद्ध करने वाली सरकार।

55. एटीएम वाली सरकार ।

56. परिवहन नाके चालू कर अवैध वसूली करने वाली सरकार। 57. रोजगार देने में असफल सरकार, युवा अवसाद में।

58. सरकारी क्षेत्र में रोजगार व नौकरियों के अवसर समाप्त करने वाली सरकार।

59. विज्ञापन निकालकर बेरोजगारों से राशि वसूलने वाली व न देने वाली सरकार ।

60. सामाजिक क्षेत्रों में पूरी तरह असफल सरकार तथा लोक कल्याणकारी योजनाओं को बंद करने वाली सरकार।

61. श्रमिकों के लिए चलने वाली कल्याणकारी योजनाओं को बंद करने वाली सरकार।

62. लोकतंत्र के महत्वपूर्ण स्तंभ, पंचायतों को अधिकारविहीन करने वाली सरकार ।

63. सार्वजनिक परिवहन सेवा, सिटी बस सेवा को ध्वस्त करने वाली सरकार।

64. एम.ओ.यू. त्यौहार मनाने वाली सरकार।

65. केंद्र सरकार की योजनाओं का सफल क्रियान्वयन न कर पाने वाली सरकार।

66. जेम्स ज्वेलरी पार्क, सिकल सेल संस्थान जैसी अनेक झूठी घोषणाएं करने वाली सरकार ।

67. चांदा मुनारा का रिकॉर्ड दुरुस्त न करवा पाने वाली सरकार।

68. राज्य राजस्व बंदोबस्त गंभीर अव्यवस्था वाली बनाने वाली सरकार।

69. प्रदेश से खेल गतिविधियों को समाप्त करने वाली सरकार।

70. कौशल विकास की गतिविधियां समाप्त करने वाली सरकार ।

71. सड़क दुर्घटना में सर्वाधिक मृत्यु तथा सड़क दुर्घटना रोकने विभागों में समन्वय न करवा पाने वाली सरकार।

72. राष्ट्रीय राजमार्गों के लिए भूमि के अधिग्रहण में जानबूझकर देरी करने वाली सरकार ।

73. धार्मिक पर्यटन के नाम पर भ्रष्टाचार करने वाली सरकार।

74. पत्रकारों को प्रताडित व उनका दमन करने वाली सरकार।

75. अघोषित आपातकाल लगाने वाली सरकार।

76 वादा करने के बाद भी अनियमित कर्मचारी, संविदा कर्मचारी दैनिक वेतन भोगी कर्मचारी, विद्या मितान और अतिथि शिक्षकों को नियमित न करजने वाली सरकार।

77. सरकारी कर्मचारियों को ठगने वाली सरकार, न डी. ए. में वृद्धि न गृह भाड़ा भत्ता में वृद्धि, न चार स्तरीय वेतनमान।

78. सहायक शिक्षक, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता व सहायिका, मितानिन रसोईया, सफाई कर्मचारी, मनरेगा कर्मी, पंचायत सचिव, वनकर्मी, होमगार्ड, विद्युत कर्मी, स्वास्थ्य कर्मी, व अंशकालीन कर्मी तथा समस्त कर्मियों को ठगने व उनके साथ अन्याय करने वाली सरकार।

79. सरकारी कर्मचारियों को नियमित वेतन देने में असफल सरकार।

80. पिछड़ा वर्ग आरक्षण व 10 प्रतिशत सवर्ण आरक्षण के नाम पर धोखा देने वाली सरकार।

81. पुलिस कर्मियों व परिजनों के साथ विश्वासघात करने वाली सरकार।

82. गुलाम वंश की सरकार ।

83. सहकारी आंदोलन को समाप्त करने वाली सरकार।

84. राजीव मितान क्लब योजना का राजनीतिकरण करने वाली सरकार।

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