मुसोलिनी हिटलर के साथ उस दौर के तानाशाह बन कर उभरे, आज जन्म दिन पर विशेष

International: बेनितो मुसोलिनी इटली का एक राजनेता था जिसने राष्ट्रीय फासिस्ट पार्टी का नेतृत्व किया। वह फासीवाद के दर्शन की नींव रखने वालों में से प्रमुख व्यक्ति था। उसने दूसरे विश्वयुद्ध में एक्सिस समूह में मिलकर युद्ध किया। वे हिटलर के निकटतम राजनीतिज्ञ थे। इनका जीवन अवसरवाद, आवारापन और प्रतिभा के मिश्रण से बना कहा गया है। उनकी गोली मारकर हत्या की गयी।फासीवाद का नेतृत्व किया था। जनरल फ्रेंको की सहायता की थी।

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1914 में प्रथम महायुद्ध छिड़ने के साथ मुसोलिनी ने समाजवादियों की तरह यह मानने से इनकार किया कि इटली को निष्पक्ष रहना चाहिए। वे चाहते थे कि इटली ब्रिटेन और फ्रांस के पक्ष में लड़ाई में उतरे। इस कारण उन्हें “आवांति” के संपादक पद से अलग होना पड़ा और वे दल से निकाल दिए गए।

1919 के 23 मार्च को मुसोलिनी ने अपने ढंग से राजनीति में एक नए संगठन को जन्म दिया। इस दल का नाम था “फासी-दि-कंबात्तिमेंती”। इसमें उन्होंने उन्हीं लोगों को लिया जो 1914 में उनके विचार के थे। इसमें मुख्यत: भूतपूर्व सैनिक आए। देश इस प्रकार के कार्यक्रम के लिए तैयार था क्योंकि समाजवादी कमजोर थे, भूतपूर्व सैनिकों में बेकारी फैल गई थी, भ्रष्टाचार बढ़ गया था, राष्ट्रीयता का जोर हो रहा था और लोगों में अंतरराष्ट्रीय समाजवाद के प्रति अनास्था उत्पन्न हो गई थी। मुसोलिनी धीरे-धीरे शक्तिशाली होते गए और एक चतुर अवसरवादी होने के कारण सभी अवसरों से वे लाभ उठाते रहे, यहाँ तक कि फासिस्टों ने रोम पर 30 अक्टूबर 1922 को कब्जा कर लिया। सरकारी सेना के तटस्थ हो जाने से यह संभव हुआ।

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