Cockroach Milk : कॉकरोच से डर…? अरे इसके दूध के फायदे जान गए तो खोजते फिरेंगे सर …!

 

100 ग्राम कॉकरोच दूध निकालने में 1000 तिलचट्टे लगते हैं।

जनधारा 24 न्यूज डेस्क । Cockroach Milk : आपने गाय, भैंस, ऊंटनी और बकरी के दूध के तो खूब चर्चे सुने होंगे।

क्या आप कॉक्रोच के दूध के बारे में भी जानते हैं ? नहीं न….?

क्या कहा आपको कॉक्रोच से लगता है डर …. अरे सर …..एक बार उसके दूध के गुणों को जान जाएंगे तो आप भी कॉक्रोच खोजते फिरेंगे।

क्या कहा यकीन नहीं आता ?

अरे तो सर हाथ कंगन को आरसी क्या… और पढ़े लिखे को फारसी क्या ?

आप बने रहिए जनधारा 24 के साथ हम आपको बताएंगे इसके एक -एक फायदे –

 

Cockroach milk and its benefits

अब बाजार में कुछ नया आया है।

कॉकरोच का दूध। दोबारा पढ़ने की जरूरत नहीं है,

आपने सही पढ़ा। कॉकरोच दूध का अर्थ है कॉकरोच का दूध।

इसकी खोज भारत के ही एक वैज्ञानिक ने की है।

काम की बात यह है कि कॉकरोच का दूध गाय

और भैंस के दूध से ज्यादा फायदेमंद बताया जा रहा है।

बात चाहे प्रोटीन की मात्रा की हो या गुड फैट की,

यह हर मामले में बाकियों से आगे है।

साथ ही यह लैक्टोज फ्री होता है।

यह लैक्टोज इंटॉलरेंट लोगों के लिए काफी फायदेमंद साबित हो सकता है।

लैक्टोज इंटॉलरेंट वे लोग होते हैं जिन्हें दूध या दूध से बने उत्पादों को पचाने में समस्या होती है।

अब इस दूध से वे पेट फूलने की समस्या से बचेंगे और उन्हें इसे पचाने में कोई परेशानी नहीं होगी।

कहा जा रहा है कि आने वाले समय में यह एक बेहतरीन सुपरफूड साबित हो सकता है।

कितना महत्वपूर्ण आपके स्वास्थ्य के लिए ?

कॉकरोच का दूध पोषक तत्वों का भंडार है।

यह पूरी रिपोर्ट इंटरनेशनल यूनियन ऑफ क्रिस्टलोग्राफी के एक शोध में प्रकाशित हुई है।

शोध के अनुसार तिलचट्टे के दूध में गाय के दूध से चार गुना अधिक

पोषक तत्व और भैंस के दूध से तीन गुना अधिक पोषक तत्व होते हैं।

इसके अलावा कॉकरोच के दूध में अमीनो एसिड पाया जाता है

जो कोशिका वृद्धि को बढ़ावा देता है।

इस दूध में पाए जाने वाले लिपिड हमारे शरीर को स्वस्थ रखते हैं

और इसमें मौजूद शुगर शरीर को भरपूर ऊर्जा प्रदान करता है।

अध्ययन से पता चला है कि तिलचट्टे के दूध में प्रोटीन क्रिस्टल नामक धातु पाई जाती है,

जो एक प्रकार के भोजन की तरह बनती है।

इसमें प्रोटीन, वसा और चीनी मिलाई जाती है।

उन्होंने बताया कि प्रोटीन के सेवन से व्यक्ति को

धीरे-धीरे और लंबे समय तक लाभ मिलता है।

कॉकरोच का दूध कैसे प्राप्त करें?

 

अब आप सोच रहे होंगे कि

आखिर ये कॉकरोच का दूध कहां से लाएंगे?

लेकिन ज्यादा सोचने की जरूरत नहीं है

क्योंकि वैज्ञानिक तिलचट्टे के दूध से गोलियां बनाने की सोच रहे हैं

और एक गोली बनाने में करीब 100 तिलचट्टे की जरूरत पड़ेगी।

Do all species of cockroaches give milk?

इसकी खोज करने वाले इंडियन रिसर्च इंस्टीट्यूट फॉर स्टेम सेल

बायोलॉजी एंड रीजनरेटिव मेडिसिन के वैज्ञानिक सुब्रमण्यम रामाश्वमई के

मुताबिक, पैसिफिक बीटल नाम की कॉकरोच की एक प्रजाति अमेरिका के

हवाई द्वीप जैसी जगहों पर पाई जाती है।

विज्ञान की दुनिया में इसे श्डिप्लोप्टेरा पंक्टाटा के नाम से जाना जाता है।

अन्य सभी प्रजातियों की तरह,

वे अंडे नहीं देती हैं और बच्चों को जन्म देती हैं

और अपने बच्चों को दूध पिलाती हैं।

बड़ी बात यह है कि इस प्रजाति के बच्चे हमेशा छोटे होते हैं।

उनकी जवानी का राज यह है कि उनकी मां

का दूध गाय के दूध से कई गुना ज्यादा पौष्टिक होता है।

एक अन्य रिपोर्ट के अनुसार 100 ग्राम दूध निकालने के लिए

करीब 1000 तिलचट्टे की जरूरत होती है।

यह भी माना जाता है कि कुछ दिनों बाद बाजार में

तिलचट्टे के दूध की गोलियां भी आने लगेंगी।

Why is cockroach milk so hot?

वाशिंगटन पोस्ट को दिए एक इंटरव्यू में बायोकेमिस्ट सुब्रमण्यम रामाश्वमई ने बताया कि

यह दूध किसी को पसंद नहीं आएगा, लेकिन फिर भी हम इसे तैयार कर रहे हैं क्योंकि

इसके फायदे अद्भुत हैं।

उन्होंने बताया कि इसका धीरे-धीरे सेवन करने से व्यक्ति को लंबे समय तक लाभ मिलता रहेगा

और इससे कोई साइड इफेक्ट भी नहीं होता है।

यह मनुष्यों के लिए जीवन रक्षक जड़ी बूटी के रूप में कार्य करेगा।

इसके अलावा शोधकर्ता डॉ. संचारी बनर्जी ने बताया कि

इसमें प्रोटीन क्रिस्टल नामक धातु होती है जो प्रोटीन, वसा

और चीनी से बनी होती है। इंटरनेशनल यूनियन ऑफ क्रिस्टलोग्राफी के शोध के

अनुसार, कॉकरोच के दूध में भैंस के दूध की तुलना में तीन गुना अधिक

ऊर्जा होती है और इसमें अमीनो एसिड भी अच्छी मात्रा में होता है।

हालांकि यह पहली बार नहीं है जब किसी कॉकरोच ने

अपनी छाल कसी हो, इससे पहले भी कॉकरोच ने पोषक तत्वों के मामले में धूम मचा रखी है।

कुछ समय पहले ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी ने एक शोध में दावा किया था कि

रेड मीट से ज्यादा कॉकरोच खाना फायदेमंद होता है।

Where can I get cockroach milk?

दक्षिण अफ्रीका में गुरमे ग्रब नाम की एक कंपनी है जिसने ऐसे ही कीड़ों का दूध बनाना शुरू किया है।

दावा किया जाता है कि इनका स्वाद पनीर, मक्खन, चॉकलेट और चाय जैसा होता है।

उनका कहना है कि इस तिलचट्टे के दूध में अच्छी मात्रा में प्रोटीन पाया जाता है

और गुड फैट की मात्रा अद्भुत होती है. वैज्ञानिकों ने भी उम्मीद जताई है कि

जल्द ही इसे प्रोटीन सप्लीमेंट के तौर पर इस्तेमाल किया जा सकता है।

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