Vikram S launched: दुनिया में इसरो से उस रो में पहुंचा भारत, निजी कंपनी ने बनाया राॅकेट

Vikram S launched: दुनिया में इसरो से उस रो में पहुंचा भारत, निजी कंपनी ने बनाया राॅकेट

Vikram S launched: दुनिया में इसरो से उस रो में पहुंचा भारत, निजी कंपनी ने बनाया राॅकेट

जनधारा 24 न्यूज डेस्क। Vikram S launched:

इसरो ने आज भारत को उस रो में खड़ा कर दिया।

इसरो और हैदराबाद की कंपनी स्काईरूट ने अंतरिक्ष निजी क्षेत्र में इतिहास रच दिया है।

देश का पहला निजी क्षेत्र का मिशन लॉन्च सफल रहा।

मिशन को स्काईरूट एयरोस्पेस द्वारा बनाए गए

विक्रम एस रॉकेट द्वारा लॉन्च किया गया था।

इस मिशन में तीन पेलोड थे और यह

सभी एक कक्षीय मिशन था।

यानी सतह से 101 किलोमीटर की दूरी पर

पृथ्वी पर पहुंचने के बाद मिशन समुद्र में छिटक गया।

पूरे मिशन की अवधि महज 300 सेकेंड थी।

इस मिशन की लॉन्चिंग के लिए इसरो ने

12 नवंबर से 16 नवंबर तक स्काईरूट एयरोस्पेस को विंडो किया था।

लेकिन मौसम के मिजाज को देखते हुए

18 नवंबर की सुबह 11.30 बजे का फैसला किया गया।

 

Vikram S launched: भारत का पहला निजी क्षेत्र का मिशन:

Vikram S launched: दुनिया में इसरो से उस रो में पहुंचा भारत, निजी कंपनी ने बनाया राॅकेट
Vikram S launched: दुनिया में इसरो से उस रो में पहुंचा भारत, निजी कंपनी ने बनाया राॅकेट

इसमें कोई शक नहीं कि इसरो अब तक अपने रॉकेट लॉन्च करता रहा है,

लेकिन यह पहली बार था जब इसरो ने किसी निजी कंपनी के

लॉन्चिंग पैड से मिशन लॉन्च किया था।

इस मिशन के साथ, हैदराबाद स्थित स्काईरूट

एयरोस्पेस ने अंतरिक्ष में रॉकेट लॉन्च करने वाली

पहली निजी अंतरिक्ष कंपनी बनकर इतिहास रच दिया है।

इस मिशन से निजी अंतरिक्ष क्षेत्र को बड़ा बढ़ावा मिलेगा।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद निजी क्षेत्र को

मिशन शुरू करने के लिए प्रेरित करते रहे हैं।

 

निजी क्षेत्र के लिए खुले दरवाजे

साल 2020 में निजी क्षेत्र के दरवाजे खुले।

इसका एक प्रमुख कारण यह भी कहा जा सकता है कि

सरकार चाहती है कि छोटे-छोटे मिशनों का जो भार इसरो पर रहा है,

उसका भार अब निजी क्षेत्र की साझेदारी में उसे दिया जाए।

ताकि इसरो के छोटे मिशनों का भार कम हो

और भारत की अंतरिक्ष एजेंसी इसरो बड़े मिशनों पर ध्यान केंद्रित कर सके।

वह अपने अनुसंधान और अंतरिक्ष विकास पर

ध्यान केंद्रित कर सकता है।

साथ ही भारत में व्यावसायिक बाजार भी बढ़ेगा

और साथ ही इसरो को अपने बड़े मिशन

पर काम करने का समय मिलेगा।

What is Vikram S ?

विक्रम-एस एक एकल ठोस चरण वाला रॉकेट है

जो एक सब-ऑर्बिटल लॉन्च व्हीकल है।

यह स्काईरूट के विक्रम श्रृंखला के रॉकेट का हिस्सा है।

स्काईरूट एयरोस्पेस ने रॉकेट का नाम विक्रम रखा है।

जिसका नाम अंतरिक्ष कार्यक्रम के जनक

और प्रसिद्ध वैज्ञानिक विक्रम साराभाई के

नाम पर रखा गया है।

यह कंपनी कमर्शियल सैटेलाइट लॉन्च के लिए

अत्याधुनिक लॉन्च व्हीकल बनाती है।

 

देश के पहले निजी रॉकेट विक्रम की सफल लॉन्चिंग, जानिए इसकी खासियत

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के लिए यह लॉन्च बहुत महत्वपूर्ण है,

क्योंकि यह अगले साल लॉन्च होने वाले विक्रम-1 ऑर्बिटल व्हीकल,

में इस्तेमाल होने वाली 80 प्रतिशत तकनीकों को

मान्य करने में मदद करेगा।

कहना जरूरी हो गया है कि इसरो ने

भारत को आज फिर उस रो में पहुंचा दिया है।

 

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