Prime Minister Narendra Modi vs Mistry : मिस्त्री के हाथ से छूटा औकात वाला औजार, प्रधानमंत्री मोदी ने कैसे बनाया हथियार… जानें

Prime Minister Narendra Modi vs Mistry :

Prime Minister Narendra Modi vs Mistry :

 

जनधारा 24 पाॅलिटिकल डेस्क। Prime Minister Narendra Modi vs Mistry :

गुजरात चुनाव में मधुसूदन मिस्त्री के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को

औकात दिखाने वाले बयान से कांग्रेस का नुकसान होना तय है।

इसके पीछे का कारण ये है कि मिस्त्री के हाथ से

औकात वाला औजार छूट गया।

तो उसको प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने

गुजरात चुनावों का घातक हथियार बना डाला।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस कला में

माहिर माने जाते हैं। मुद्दे हों या महापुरूष पीएम मोदी लपकने में देर नहीं लगाते।

वैसे भी राजनीति में वार -पलटवार पर ही ज्यादा चलती है।

इससे पहले मणिशंकर अय्यर ने

प्रधानमंत्री को नीच कहा था।

उस चुनाव प्रचार में पीएम ने

उसका ऐसा बवंडर बनाया था कि

कांग्रेस की सीटें काफी ज्यादा घट गई थीं।

इस बार भी कांग्रेस के साथ कुछ ऐसा ही होने के आसार दिखाई दे रहे हैं।

Prime Minister Narendra Modi vs Mistry :

मिस्त्री के हाथ से छूटा औकात वाला औजार,

गुजरात में दिसंबर के पहले हफ्ते में विधानसभा चुनाव होने हैं।

इससे पहले राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का दौर जोर पकड़ रहा है।

प्रधानमंत्री मोदी ने सुरेंद्र नगर में एक रैली को

संबोधित करते हुए मधुसूदन मिस्त्री के औकात वाले

बयान पर पलटवार किया था।

उन्होंने मिस्त्री के बयान की तुलना मणिशंकर अय्यर के

2017 के बयान से भी की।

उन्होंने कहा कि पहले उन्हें मौत का सौदागर और

नाली का कीड़ा भी कहा जाता था।

आपको बता दें कि मौत का बयान राहुल गांधी ने दिया था।

2017 में भी कुछ ऐसा ही हुआ था।

मणिशंकर का नीच वाला बयान कांग्रेस भारी पड़ गया था।

इस बार बीजेपी की प्रतिद्वंद्वी सिर्फ कांग्रेस ही नहीं है।

आम आदमी पार्टी कांग्रेस के वोटों में सेंध लगाने के

लिए पहले से ही तैयार है।

ऐसे में अगर मधुसूदन मिस्त्री का बयान चुनावी मुद्दा बनता है तो

इससे कांग्रेस को बड़ा नुकसान हो सकता है।

इसके आसार भी साफ-साफ दिखाई देने लगे हैं।

 

कैसे आया ये औकात शब्द चुनावी समर में

गुजरात चुनाव के लिए कांग्रेस पार्टी का घोषणापत्र जारी करते हुए

मधुसूदन मिस्त्री ने प्रधानमंत्री पर पुरानी टिप्पणी की थी।

उन्होंने कहा था कि गुजरात चुनाव में मोदी की औकात दिखाई जाएगी।

इस बयान का पहले भी विरोध हुआ था लेकिन

प्रधानमंत्री मोदी ने इसे अपना राजनीतिक हथियार बना लिया।

कांग्रेस के घोषणापत्र में इस बात का जिक्र था कि

अगर कांग्रेस की सरकार बनती है तो नरेंद्र मोदी स्टेडियम का

नाम बदल दिया जाएगा।

बस फिर क्या था … औकात प्रधानमंत्री का सियासी हथियार बन गया।

 

पीएम मोदी ने कैसे किया पलटवार जानें

रैली के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मधुसूदन मिस्त्री के

बयान को खूब बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया।

उन्होंने पलटवार करते हुए कहा,

कांग्रेस कहती है कि औकात दिखा देंगे।

वह राजघराने से हैं, मैं आम परिवार से हूं।

मैं जनता का सेवक हूं। कांग्रेस नेताओं ने मुझे क्या नहीं बताया,

उन्होंने कहा कहाँ गन्दे नाले का कीड़ा, कहा मतलब।

हैसियत नहीं है हमारी,

लेकिन विकास की बात करते हैं।

आज गुजरात विकास की नई सीढ़ियां चढ़ रहा है।

यहां हवाई जहाज बन रहे हैं।

प्रधानमंत्री ने कहा, कांग्रेस विकास की बात नहीं करती।

वह कहती हैं कि मोदी को औकात दिखा देंगे।

यह अहंकार है। अरे, मैं तो सेवक हूँ, सेवादार,

सेवक की कोई औकात होती है क्या?

 

मणिशंकर के बयान से कांग्रेस को कैसे हुआ था नुकसान ?

2017 के विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस नेता मणिशंकर अय्यर ने

प्रधानमंत्री को नीच आदमी कहा था।

इसके बाद नुकसान को कम करने के लिए

कांग्रेस ने उन्हें निलंबित भी कर दिया था।

खुद मणिशंकर अय्यर ने भी अपनी भाषा के लिए माफी मांगी थी।

हालांकि कांग्रेस को काफी नुकसान हुआ था।

2017 में कांग्रेस की हवा अच्छी चली थी।

1995 के बाद पहली बार ऐसा हुआ जब बीजेपी को

चुनाव में सिर्फ 99 सीटें मिलीं थीं।

मणिशंकर अय्यर ने 2014 के चुनाव से पहले ही कहा था कि

वह नरेंद्र मोदी को देश का प्रधानमंत्री नहीं बनने देंगे।

मोदी ने इस बयान का काफी आगे इस्तेमाल किया था।

इससे भी कांग्रेस संकट में आ गई थी।

राजनीतिक गलियारों के जानकारों की

अगर मानें तो मधुसूदन मिस्त्री का ये बयान भी

कांग्रेस का नुकसान जरूर कराएगा।

मिस्त्री के हाथ से छूटी रिंच,मोदी ने लपकी

कांग्रेस की चुप्पी वाली रणनीति से भाजपा काफी सकते मंे आ गई थी।

वहीं मुधसूदन मिस्त्री ने सारा खेल ये कह कर बिगाड़ दिया कि

प्रधानमंत्री मोदी को औकात दिखा देंगे।

ये औकात वाला पाना, मिस्त्री के हाथ से छूटा ही था कि

इसको प्रधानमंत्री मोदी ने लपक लिया।

अब वे इसको इस चुनाव का सबसे कारगर हथियार बना चुके हैं।

तभी तो जिस भी रैली में जाते हैं औकात वाला हथियार एक बार जरूर भांजते हैं।

जानकारों का मानना है कि पिछली बार के मणिशंकर अय्यर के नीच आदमी

वाले बयान से जितना नुकसान कांग्रेस को हुआ था।

इस बार उससे भी ज्यादा नुकसान होने की संभावना दिखाई दे रही है।

इसके पीछे का कारण ये है कि

उस समय तो कांग्रेस अकेले विपक्ष में थी।

इस बार तो मामला त्रिकोणीय है।

आम आदमी पार्टी भी इस समर में पाटीदारों के वोटों के बल पर

कांग्रेस के जनाधार में संेधमारी कर रही है।

तो इसका भी नुकसान तो कांग्रेस को ही उठाना पड़ेगा।

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