अपनी मन्नत पूरी करने 25 गायों के साथ महादेव पहुंचे द्वारकाधीश, आधी रात को खुले मंदिर के कपाट

द्वारका। (Dwarkadhish Temple opened Midnight) यह पहली बार होगा जब आधी रात को भगवान श्रीकृष्ण की नगरी द्वारकाधीश मंदिर के कपाट खोले गए। यह कपाट 25 गायों के लिए खोले गए। आपको बता दें कि यह गायें अपने मालिक के साथ 450 किलो मीटर पैदल चलकर द्वारका पहुंची थी।

25 गायों के लिए क्यों खोले गए कपाट

(Dwarkadhish Temple opened Midnight) करीब दो महीने पहले कच्छ निवासी, गौशाला के मालिक महादेव देसाई की 25 गायों को लंपी वायरस बिमारी हो गई थी। वहीं पूरे सौराष्ट्र में लंपी वायरस से कई गायों की मौत हो चुकी है। इस बीच गौशाला के मालिक ने भगवान द्वारकाधीश से मन्नत मांगी थी कि अगर उनकी गायें ठीक हो जाती है तो वह अपनी 25 गायों के साथ दर्शन करने आएंगें।

मंदिर में भीड़ के बीच गाय है समस्या

दरअसल, मंदिर प्रशासन के लिए गायों के प्रवेश को लेकर एक सबसे बड़ी समस्या है। यहां हजारों श्रद्धालुओं की भीड़ रहती है, और गायों के आने से मंदिर की व्यवस्था बिगड़ जाती है। इसलिए मंदिर प्रशासन ने तय किया कि आधी रात को महादेव और उनकी गायों के लिए कपाट खोले जाएंगे।  12 बजे के बाद इसके गेट खोल दिए गए।

मंदिर पहुंचने के बाद

सबसे पहले द्वारका पहुंचकर गायों ने सबसे पहले भगवान द्वारकाधीश के दर्शन किए और मंदिर की परिक्रमा की। मंदिर के पुजारियों ने भगवान के प्रसाद के अलावा उनके लिए चारे और पानी की भी व्यवस्था की।  (Dwarkadhish Temple opened Midnight)

महादेव का कहना है कि सब कुछ भगवान द्वारकाधीश पर छोड़कर मैंने गायों का इलाज करना शुरू कर दिया। 25 दिन बाद सभी गायें स्वस्थ होने लगी। उनके पूरी तरह ठीक होने के बाद मैं उसे लेकर कच्छ से पैदल ही द्वारका के लिए निकल पड़ा।

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