Single Girls entry banned in Jama Masjid : जामा मस्जिद में अकेली लड़कियों की एंट्री बैन पर बवाल , जानिए क्या कहते हैं मस्जिद के PRO

Single girls entry banned in Jama Masjid :

Single girls entry banned in Jama Masjid :

 

जनधारा 24 न्यूज डेस्क।Single girls entry banned in Jama Masjid :

ऐतिहासिक जामा मस्जिद में अकेली लड़कियों के दाखिले पर बंदिश लगा दी गई है।

जैसे ही ये खबर सोशल मीडिया पर वाॅयरल हुई बवाल हो गया।

मस्जिद के बाहर गुरूवार को एक हुक्मनामा चस्पा किया गया,

जिस पर इस तरह का फरमान जारी किया गया है।

मस्जिद के PRO सबीउल्लाह खान ने इसकी तस्दीक की।

उन्होंने फरमाया कि अकेले आने वाली महिलाएं

यहां गलत काम कर रही हैं।

यहां आकर नाचती गाती हैं,

टिकटाॅक का वीडियो शूट करती हैं।

ये एक इबादतगाह है,

मिलन स्थान या फिर पार्क नहीं।

यहां आप अपने परिवार के साथ आइए आपका इस्तकबाल है।

Single girls entry banned in Jama Masjid पर बवाल जानिए क्या कहते हैं मस्जिद के PRO

Single girls entry banned in Jama Masjid :
Single girls entry banned in Jama Masjid :

जामा मस्जिद के PRO सबीउल्ला खान ने फरमाया ,

यहां आने वाली अविवाहित लड़कियों को रोकने, लड़कों को समय देने,

यहां आकर गलत काम करने,

वीडियो बनाने के लिए प्रतिबंध लगाया गया है।

आप अपने परिवार के साथ आइए, कोई बंदिश नहीं है।

शादीशुदा जोड़े आते हैं, कोई पाबंदी नहीं है।

लेकिन किसी को यहां आने का समय देना,

मिलन स्थल समझकर, पार्क समझकर,

टिकटॉक वीडियो बनाकर, नाच-गाकर…

यह किसी भी धार्मिक स्थल के लिए उपयुक्त नहीं है।

चाहे मस्जिद हो, मंदिर हो या गुरुद्वारा।

 

क्या कहती हैं दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष

 


दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष स्वाति मालीवाल ने कहा कि

जामा मस्जिद में महिलाओं के प्रवेश पर रोक लगाने का फैसला बिल्कुल गलत है।

पूजा करने का जितना अधिकार पुरुष को है उतना ही स्त्री को भी है।

मैं जामा मस्जिद के इमाम को नोटिस जारी कर रहा हूं।

इस तरह महिलाओं के प्रवेश पर रोक लगाने का अधिकार किसी को नहीं है।

 

विश्व हिंद परिषद ने बताया महिला विरोधी

 

विश्व हिंदू परिषद (विहिप) ने इस फरमान को महिला विरोधी करार दिया है।

विहिप के राष्ट्रीय प्रवक्ता विनोद बंसल ने कहा कि संविधान द्वारा दिए गए

अधिकारों पर भी प्रतिबंध लगाए जा रहे हैं।

लड़के ही काम करते हैं और

तुम लड़कियों को कठघरे में खड़ा कर रहे हो!

 

पीआरओ का पक्ष

अविवाहित लड़कियों का प्रवेश वर्जित है।

धार्मिक स्थल होने के कारण यह निर्णय लिया गया है।

पूजा करने वालों के लिए कोई बंदिश नहीं है।

सबीउल्लाह खान,

पीआरओ, जामा मस्जिद

सिंगल लड़कियां लड़कों को देती हैं वक्त: जामा मस्जिद

जामा मस्जिद के पीआरओ ने आगे कहा, हमारी पाबंदी का मकसद यह है कि

मस्जिद इबादत के लिए है

और इसे सिर्फ इबादत के लिए इस्तेमाल किया जाए।

पीआरओ खान ने आगे कहा, हमने सिर्फ सिंगल लड़कियों पर बैन लगाया है

जो यहां आती हैं और लड़कों को टाइम देती हैं ।

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उनसे मिलती हैं, गलत काम करती हैं…

अगर कोई यहां आकर पूजा-अर्चना करना चाहता है

तो उसका स्वागत है।

वो यहां जरूर आएं, इबादत करें।

इस मामले को लेकर सोशल मीडिया पर

एक बार फिर से लंबी बहस छिड़ गई है।

ऐसे में देखने वाली बात ये है कि

आखिर इसका निष्कर्ष क्या निकलता है ?

 

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