बंगोत्सव 2023 : बंगोत्सव के आखिरी दिन बाउल कलाकारों का चला जादू, संगीत से मोहा सभी का मन

रायपुर। छत्तीसगढ़ बंगाली एसोसिएशन के तत्वाधान में राजधानी में आयोजित तीन दिवसीय बंगोत्सव 2023 कार्यक्रम का मंगलवार को समापन हुआ. बंगोत्सव के तीसरे दिन बतौर मुख्य अतिथि संस्कृति मंत्री अमरजीत भगत और विशिष्ट अतिथि के तौर पर जनधारा मीडिया समूह के ग्रुप एडिटर अभय किशोर कार्यक्रम में शामिल हुए. कार्यक्रम समापन की संध्या में कोलकाता से आए कलाकार ब्रजगोपाल बाउल और पंखाजोर के चितरंजन दास बाउल ने अपनी मनमोहक प्रस्तुति से लोगो का मन मोह लिया.

 

 

संगीत एक ऐसा माध्यम है जो सभी को जोड़ के रखता है : अमरजीत भगत

 

 

कार्यक्रम में पधारे मुख्य अतिथि प्रदेश के संस्कृति मंत्री अमरजीत भगत ने पूरे बंगाली समाज को बंगोत्सव की ढेर सारी बधाई और शुभकामनाएं दी. इस दौरान उन्होंने अपनी कला प्रदर्शित करने वाले बंगाल से आए कलाकारों की खूब तारीफ की. उन्होंने कहा कि संगीत एक ऐसा माध्यम है जो सभी को जोड़ के रखता है, इसमें किसी प्रकार की भाषा का बंधन नहीं होता लोगो को संगीत समझ आता हैं और लोग उसे सुनकर ही झूम उठते हैं,

 

मंत्री अमरजीत भगत ने नेताजी सुभाष चंद्र बोस को नमन करते हुए कहा कि उन्होंने देश के लिए कई बलिदान दिए हैं, हम सभी लोग उनके कार्यों के लिए हमेशा ऋणी रहेंगे.

 

बंगोत्सव जैसे कार्यक्रम होते रहना चाहिए : अभय किशोर

 

 

कार्यक्रम में आए जनधारा मीडिया ग्रुप के ग्रुप एडिटर अभय किशोर ने छत्तीसगढ़ बंगाली एसोसिएशन और बंगाली समाज को बंगोत्सव 2023 के कार्यक्रम के आयोजन के लिए बधाई दी, इस दौरान उन्होंने कहा कि कला और संस्कृति को प्रदर्शित करने वाले ऐसे कार्यक्रम समय-समय पर आयोजित होने चाहिए.

 

 

 

छत्तीसगढ़ बंगाली एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष अरुण भद्रा ने बताया की मंगलवार को बंगोत्सव 2023 का भव्य समापन आयोजित किया गया. बंगाली समाज के द्वारा बांगोत्सव हर साल मनाया जाता था, लेकिन 2020 में आई करोना महामारी के प्रकोप को देखते हुए इसका आयोजन स्थगित कर दिया गया था, जिसके बाद इस साल बंगोत्सव का आयोजन किया गया, 3 दिनों तक आयोजित हुए कार्यक्रम में कई कलाकारों ने शिरकत की हर साल की तरह इस साल भी सभी कलाकारों ने अपनी कला का प्रदर्शन कर के सभी का मन मोह लिया.

 

 

 

 

 

वही बंगोत्सव के समापन कार्यक्रम में रंगोली आर्टिस्ट अजय देशकर को बेस्ट रंगोली बनाने के लिए सम्मानित किया गया, सांस्कृतिक कार्यक्रम में कोलकाता से आए कलाकार ने अपनी शानदार प्रस्तुति दी और सभी का मन मोह लिया. इस अवसर पर कोलकाता के ब्रजगोपाल बाउल और पंखाजोर के चितरंजन दास बाउल ने अपनी कला का प्रदर्शन किया, उन्होंने हनुमान चालीसा प्रस्तुत कर कार्यक्रम की शुरुआत की, इस दौरान उन्होंने एक से बढ़कर एक बाउल संगीत सुनाएं जिसे सुन कार्यक्रम में आए लोग झूमे उठे.

 

 

 

ये भी पढ़ें…Basant Panchami 2023 : इस दिन मनाई जाएगी वसंत पंचमी, जानिए पूजा विधि और शुभ मुहूर्त

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *