बेलगाम अफसरशाही पर होगी कार्यवाही: मंत्री भगत ने दिया आश्वासन

 बेलगाम अफसरशाही पर होगी कार्यवाही

 बेलगाम अफसरशाही पर होगी कार्यवाही

 

जनधारा 24 न्यूज डेस्क। बेलगाम अफसरशाही पर होगी कार्यवाही:

राज्य में बेलगाम हो चुकी अफसरशाही का इससे बड़ा नमूना और क्या होगा ?

कांकेर जिले के कोयलीबेड़ा ब्लॉक के फूड इंस्पेक्टर राजेश विश्वास का

कीमती मोबाइल खेरकट्टा परलकोट जलाशय में क्या गिरा।

अधिकारी ने 30-30 हॉर्स पावर के दो डीजल पंप लगाकर

21 लाख लीटर पानी बाहर फेंकवा दिया। उसके बाद उनका

मोबाइल तो मिल गया, मगर बात भीतर महल तक जा पहुंची।

जानकारों का कहना है कि इतने पानी से तो डेढ़ हजार हेक्टेयर

खेत की सिंचाई की जा सकती थी। भीषण गर्मी में पानी की बर्बादी

का ये नजारा जिसने भी देखा सन्न रह गया। उधर जैसे ही ये मामला

खाद्य मंत्री अमरजीत भगत के संज्ञान में आया। उन्होंने कहा कि इस

मामले की अभी-अभी जानकारी हुई है। इस पर आवश्यक कार्यवाही

की जाएगी।

 

 बेलगाम अफसरशाही पर होगी कार्यवाही

प्रदेश के खाद्य मंत्री अमरजीत भगत को ये जानकारी उस वक्त दी गई,

जब वे विभागीय समीक्षा बैठक में भाग लेने जा रहे थे। मंत्री भगत ने

उपभोक्ता संरक्षण परिषद की पहली बैठक ली। उन्होंने कहा कि

सुप्रीम कोर्ट के नोटिफिकेशन के अनुसार ही समस्त राज्य सरकारों

को इसके गठन का आदेश जारी हुआ है। इसके माध्यम से हम सभी

उपभोक्ताओं को जागरूक करने के लिए काम करेंगे।

नए संसद भवन को लेकर क्या बोले जानें

जब नए संसद भवन के लोकार्पण को लेकर भाजपा के आरोपों के

बारे में उनसे सवाल किया गया। तो उन्होंने कहा कि अजय चंद्राकर

से मै जानना चाहता हूं कि क्या वह राज्यपाल के प्रवक्ता हैं ? यदि होंगे

तो उनसे पूछें कि क्या वह स्थिति यहां पर भी है ? तत्कालीन राज्यपाल

उस समय प्रदेश में उपस्थित नहीं थीं, जिस वजह से यह स्थिति हुई थी।

अब जरा मामले को भी समझ लीजिए

दरअसल हुआ ये कि बीते रविवार को कांकेर जिले की कोयलीबेड़ा ब्लॉक के

फूड इंस्पेक्टर राजेश विश्वास घूमने के लिए खेरकट्टा, परलकोट जलाशय गए हुए थे।

अचानक उनकी ही लापरवाही के चलते उनका बेशकीमती मोबाइल जलाशय में गिर गया।

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अब तो फूड इंस्पेक्टर बेचैन हो उठे। उन्होंने तत्काल इलाके के सारे अच्छे- अच्छे गोताखोरों

को बुलवाया। पर ये सभी लोेग मोबाइल को खोजने में नाकामयाब हुए। उसके बाद अफसर ने

30-30 हॉर्स पावर के दो डीजल जलपंप लगाए और जलाशय को खाली करना शुरू कर दिया।

24 घंटे में दोनों जलपंपों ने तकरीबन 21 लाख लीटर पानी बाहर फेंक दिया। जो इधर-उधर बह गया।

लोग उठा रहे हैं सवाल

मामला जैसे ही चर्चा में आया, अब लोग इस बात को लेकर सवाल उठा रहे हैं कि

आखिर उस मोबाइल में ऐसा क्या था कि इतना बड़ा कदम उठा लिया गया। इतनी

बड़ी मात्रा में पानी को बेवजह बाहर फेंक दिया गया ? तो वहीं कुछ लोग इस पर ये

भी संदेह जता रहे हैं कि इसमें फर्जीवाड़े के कुछ गुप्त आंकड़े हो सकते हैं। जो किसी

भी तरह शासन-प्रशासन के हाथ न लग जाएं । इसी लिए इतना बड़ा कदम उठाया गया है।

वैसे भी अफसर का मोबाइल मिला जरूर है मगर वो खराब हो चुका बताया जा रहा है।

तो वहीं मंत्री अमरजीत भगत ने कार्यवाही की बात कही है। ऐसे में देखने वाली बात तो

ये होगी कि उस अधिकारी पर कौन सी कार्यवाही की जाती है ?

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