वेलेंंटाइन डे पर 14 आत्मसर्मपित नक्सली प्रेमी जोड़ों का होगा विवाह

आदिवासी संस्कृति व पारम्परिक रीति- रिवाजों के साथ संपन्न होगा विवाह
दंतेवाड़ा । छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिले में वेलेंंटाइन डे 2021 आत्मसर्मपित नक्सली प्रेमी जोड़ों के लिए उनके जीवन में आज का रविवार बहुत ही खास होने जा रहा है। 14 आत्मसर्मपित नक्सली प्रेमी जोड़े एक साथ विवाह के बंधंन में बंधकर बस्तर के घुर नक्सल प्रभावित क्षेत्र में नक्सल हिंसा के विपरीत प्रेम का संदेश देने जा रहे हैं। इस वेलेंंटाइन डे पर हो रहे विवाह में पुलिस के जवान बाराती होंगे तो अधिकारी घराती बनकर स्वागत व कन्यादान करेंगे। विवाह के दौरान ढोल, बैंड बाजा व पारंपरिक नाचा का आयोजन भी होगा।
प्राप्त जानकारी के अनुसार 14 आत्मसर्मपित नक्सली प्रेमी जोड़े जिनका विवाह आज होने वाला है उनमें सोमडू उर्फ नवीन वेट्टी संग जोगी माड़वी, चांदूराम सेठिया संग सोनमती, वासू उर्फ कोसा कोवासी संग सुको मंडावी, अजय कुमार मंडावी संग सरिता कश्यप, दुलगो मंडावी संग कुमली कश्यप, रतन मंडावी संग जानकी कश्यप, गुड्डू मरकाम संग भूमे कोडोपी, हिड़मा कुंजामी संग कमली मिडियामी, लखमू हेमला संग मुन्नी वेको, रमेश सोरी संग सरिता कुंजाम, बुधराम कोवासी संग रैमती बारसे, कमलेश उर्फ मोटू संग दशमी मंडावी, दिनेश उर्फ मनीराम अलामी संग रोशनी कश्यप शामिल है। कारली हैलीपेड के पास मण्डप सजकर तैयार है, जहां आज आत्मसर्मपित नक्सली प्रेमी जोड़े फेरे लेंगे। धूम धड़ाके, नाच गाने के साथ शांति कुंज से बारात निकलेगी। आदिवासी संस्कृति व पारम्परिक रीति- रिवाजों के साथ सारी रस्मों के साथ विवाह संपन्न होगा। इसके पहले भी आत्मसर्मपित नक्सलियों की शादी पुलिस ने कराई है, लेकिन वेलेंटाइन डे के खास मौके पर एक साथ 14 जोड़ों की शादी पहली बार व अपने आप में बेहद आकर्षक होगी। वैसे तो पुलिस के जवान, पुलिस, प्रशासन के अफसर परिवार की भूमिका में होंगे लेकिन आत्मसर्मपित नक्सलियों के परिवार को भी आमंत्रण भेजा गया है, लेकिन नक्सल भय से कुछ परिवार नहीं पहुंचेंगे।
आत्मसर्मपित इनामी नक्सली रतन ग्राम मुस्केल निवासी अब अपने बचपन के प्यार जानकी के साथ परिणय सूत्र में बंधेगा। रतन ने हथियार के साथ सरेंडर किया था। उसने आरएनएस से चर्चा के दौरान कहा कि मैं जानकी से बहुत प्यार करता हूं। बचपन से ही जब प्यार की शुरुआत हुई तो शादी की ठान रखी थी। इस बीच वह नक्सल संगठन में चला गया। अब जब आत्मसर्मण किया तो दोनों ने घर बसाने की ठानी है।
14 जोड़ों में से जोगी व आत्मसर्मपित इनामी नक्सली सोमडू इकलौता जोड़ा है, जो हार्डकोर इनामी नक्सली रहा है। सोमडू ने नवम्बर 2020 को सरेंडर किया था, जबकि जोगी ने जनवरी 2021 में आत्मसर्मण की थी, सोमडू व जोगी बताते हैं संगठन में रहने के दौरान प्रेम हुआ, बातचीत होती थी। आत्मसर्मण के बाद प्यार और बढ़ गया, अब शादी होगी।
आत्मसर्मपित इनामी नक्सली गुड्डू बताता है कि सरेंडर के बाद समेली की भूमे के संपर्क में आया, फोन पर बात शुरू हुई, दोनों ने तस्वीरें साझा की। दोनों ने प्यार का इजहार किया। भूमे को मिलने बुलाया और विवाह की इच्छा जताई, भूमे ने हामी भर दी। गांव जाकर शादी करना सम्भव नहीं, क्योंकि नक्सली मार देंगे, अब शादी होने वाली है, हम खुश हैं।
दंतेवाड़ा एसपी डॉ.अभिषेक पल्लव ने बताया कि विवाह की रस्मों, रिश्तों की अहमियत, जिम्मेदारियों के बारे में भी इन आत्मसर्मपित नक्सली प्रेमी जोड़ों को बताया जाएगा। नक्सल संगठन में जाने के बाद रीति रिवाजों, परम्पराओं से ये काफी दूर हो चुके हैं। उन्हें ये सब भी जानने का अवसर मिलेगा। इन्हें देखकर और भी नक्सली प्रेमी जोड़े आत्मसर्मपण करने के लिए प्रोत्साहित होंगे। उन्होने बताया कि आज जिन 14 जोड़ों की शादी हो होगी, सभी लोन वर्राटू अभियान के तहत आत्मसर्मपित किए इनामी नक्सली हैं।

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