बनकर तैयार हुआ अटल कृषि मित्र, पहुंचा बिलासपुर, नीति आयोग ने किया जारी

बिलासपुर। गवर्नमेंट हायर सेकेंडरी स्कूल स्थित अटल टिंकरिंग लैब (एटीएल) के तीन बाल विज्ञानियों ने कमाल कर दिया है। बाल विज्ञानियों के नवाचार को नीति आयोग ने व्यावसायिक रूप दिया है।

अटल कृषि मित्र के व्यावसायिक उत्पादन के लिए डेल व एलएलएफ को जिम्मेदारी दी है। इनके तकनीकी अधिकारियों की देखरेख में हैदराबाद में इस कृषि यंत्र को तैयार कर लिया गया है।

शनिवार को यह बिलासपुर पहुंच गया है। वहीं सोमवार की शाम नीति आयोग के अधिकारियों की टीम यहां पहुंच रही है, जिनकी देखरेख में इसका परीक्षण किया जाएगा। इसके बाद अटल कृषि मित्र को अंतिम रूप दिया जाएगा।

इस मशीन के जरिए रोबोटिक खेती होगी। यंत्र खेतों की जुताई के साथ ही धान की बोआई और फसल में दवा का छिड़काव भी करेगा। फसल जब पककर तैयार हो जाएगी तब कटाई और मिसाई का काम भी इसके जरिए हो सकेगा।

बाल विज्ञानी राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के समक्ष इस यंत्र का प्रदर्शन भी कर चुके हैं। राष्ट्रपति भवन से तीनों बाल विज्ञानियों को 25-25 हजार स्र्पये का नकद पुरस्कार दिया गया था। कृषि के क्षेत्र में देश का यह पहला नवाचार है जिसे नीति आयोग ने व्यावसायिक रूप देने का निर्णय लिया है।

रविवार को नीति आयोग के अधिकारियों की टीम बिलासपुर पहुंचेगी। इनकी देखरेख में अटल कृषि यंत्र का परीक्षण होगा। इस दौरान 21 गांवों के खेतों में यंत्र को उतारा जाएगा। इसके पीछे अलग-अलग किस्मों की मिट्टी में इसका परीक्षण करना माना जा रहा है। किसानों से भी रायशुमारी करेंगे।

किसानों की राय और परीक्षण के दौरान जो खामियां नजर आएंगी उसे दर्ज किया जाएगा। इसके बाद यंत्र को अंतिम रूप दिया जाएगा। तकनीकी सुधार के बाद डेल व एलएलएफ इसका निर्माण करेंगे व बाजार में उतारेंगे।

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