विश्व मातृभाषा दिवस : फिर से उठी छत्तीसगढ़ी माध्यम में प्राथमिक शिक्षा देने की मांग

रायपुर। विश्व मातृभाषा दिवस : राजधानी रायपुर में विश्व मातृभाषा दिवस के अवसर पर एक विचार-गोष्ठी का आयोजन हुआ।

हमर महतारी सेवा समिति की ओर से प्रेस क्लब सभागार में आयोजित संगोष्ठी में छत्तीसगढ़ी भाषा सहित मातृभाषा की दशा और दिशा पर चर्चा हुई। चर्चा में छत्तीसगढ़िया महिला क्रांति सेना, छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना, छत्तीसगढ़ी राजभाषा मंच, मोर चिन्हारी छत्तीसगढ़ी, एमए छत्तीसगढ़ी छात्र परिषद के सदस्यों सहित साहित्यकार और विद्वानों ने हिस्सा लिया।

परिचर्चा के दौरान सभी एकमत से तय किया कि छत्तीसगढ़ी भाषा को प्राथमिक शिक्षा का माध्यम बनाने के लिए अंतिम सांस तक लड़ाई लड़ी जाएगी। यह सिर्फ भाषा ही नहीं, छत्तीसगढ़ की पहचान भी है और इसे जीवित रखने के लिए इसे प्राथमिक शिक्षा की भाषा बनाना होगा।

गोष्ठी में यह भी तय किया गया कि समाज के लोगों को जागरूक करने और सरकार को अपनी मांग से अवगत कराने विधानसभा सत्र के दौरान तीन दिनों का धरना दिया जाएगा। वहीं, कानूनी लड़ाई भी लड़ी जाएगी। सदस्यों ने तय किया है कि अगर सरकार पढ़ाई-लिखाई शुरू कराने की दिशा में आगे नहीं बढ़ेगी तो फिर हाईकोर्ट भी जाएंगे।

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