महोरा का गौठान अन्य जिलों के लिए मॉडल मल्टीएक्टिविटी सेंटर : संभागायुक्त डॉ. अलंग

कोरबा। जिले के पोड़ी-उपरोड़ा विकासखण्ड में स्थापित महोरा गौठान का आज संभागायुक्त डॉ. संजय अलंग ने निरीक्षण किया। उन्होंने गौठान में वर्मी कम्पोस्ट उत्पादन से लेकर गोबर खरीदी, गोबर के विभिन्न उत्पाद बनाने और चारागाह का भी अवलोकन किया। संभागायुक्त ने महोरा गौठान में महिला समूहों द्वारा की जा रही विभिन्न रोजगार उन्मुखी गतिविधियों से आय के बारे में भी विस्तार से जानकारी ली। डॉ. अलंग ने महोरा के गौठान में उपलब्ध अधोसंरचना, रोजगार मूलक गतिविधियां, बिजली-पानी की व्यवस्था के साथ-साथ चारागाह और सब्जी उत्पादन से प्रभावित होकर उसे मॉडल मल्टी एक्टिविटी सेंटर करार दिया। संभागायुक्त ने राज्य सरकार की मंशानुसार गौठान को मल्टी एक्टिविटी सेंटर के रूप में स्थापित करने पर कलेक्टर श्रीमती किरण कौशल और कोरबा जिले के अधिकारियों की टीम को बधाई तथा शुभकामनाएं दी। इस दौरान कलेक्टर श्रीमती किरण कौशल, अपर कलेक्टर श्रीमती प्रियंका महोबिया, डिप्टी कमीश्नर श्रीमती अर्चना मिश्रा सहित अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे।
गौठानों की रोजगार मूलक गतिविधियों से आय-व्यय का स्पष्ट लेखा-जोखा रखें समूह – अपने निरीक्षण के दौरान संभागायुक्त डॉ. अलंग ने महोरा गौठान में गोबर से वर्मी कम्पोस्ट का निर्माण, गमला निर्माण, आकर्षक मूर्ति निर्माण, दीया बनाना, अगरबत्ती बनाना जैसी गतिविधियों का अवलोकन किया। उन्होंने गौठान में स्थापित मशरूम उत्पादन इकाई भी देखी। संभागायुक्त ने महिला समूहों और गौठान समिति के सदस्यों से भी मुलाकात की। उन्होंने गौठानों में संचालित गतिविधियों के बारे में सदस्यों से पूछा और उनके द्वारा रखी जा रही पंजियो तथा रिकॉर्ड का भी अवलोकन किया। डॉ. अलंग ने प्रभारी अधिकारियों को निर्देशित किया कि गौठान में की जा रही सभी रोजगार मूलक गतिविधियों का अलग-अलग आय-व्यय का स्पष्ट लेखा-जोखा रखा जाए ताकि इन गतिविधियों से समूह के सदस्यों को होने वाले लाभ और उनके जीवन में आने वाले परिवर्तन का स्पष्ट आंकलन किया जा सके। डॉ. अलंग ने गौठान में स्थापित मुर्गी पालन यूनिट से महिला समूह द्वारा एक माह में ही तीन हजार रूपए के अण्डे बेचने और कृषि यंत्र केन्द्र से किसानों को खेती के लिए ट्रैक्टर, रिपर आदि किराये पर देकर लगभग 25 हजार रूपए की आमदनी पाने पर खुशी जाहिर की। डॉ. अलंग ने चारागाह में चारे के साथ-साथ सब्जी उत्पादन में लगी सात महिला समूहों की सदस्यों से भी बातचीत की और सब्जी बेचकर होने वाली आय के बारे में पूछा।

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