कोरबा सांसद महंत ने सृष्टि के इलाज के लिए प्रधानमंत्री व कोयला मंत्री को लिखा पत्र

 

बिलासपुर। कोरबा सांसद ज्योत्सना चरणदास महंत ने प्रधानमंत्री व कोयला मंत्री से गुहार लगाई है कि मांसपेशियों की दुर्लभ बीमारी स्पाइनल मस्कुलर एट्रोफी टाइप-1 से पीडि़त मासूम 14 माह की सृष्टि के इलाज की समुचित और हर मुमकिन व्यवस्था की जाए। विशेष तौर पर कोयला मंत्री को एसईसीएल के विभागीय अपोलो में इलाज की व्यवस्था करने निर्देशित करने का आग्रह किया है।

छत्तीसगढ़ के कोरबा जिला अंतर्गत कोल कंपनी एसईसीएल की दीपका खदान में ओवरमैन कार्यरत सतीश कुमार की 14 माह की मासूम पुत्री सृष्टि मांसपेशियों की दुर्लभ बीमारी स्पाइनल मस्कुलर एट्रोफी टाइप-1 से पीडि़त है। इसके इलाज का भारी भरकम खर्च लगभग साढ़े 22 करोड़ है।

कोरबा सांसद ज्योत्सना महंत ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को पत्र प्रेषित कर आग्रह किया है कि सृष्टि के इलाज की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने की दिशा में विशेष तौर पर मानवीय पहल करेंगे। सांसद ने कोयला मंत्री पीयूष गोयल को पृथक से पत्र भेजकर आग्रह किया है कि सृष्टि एसईसीएल कर्मी की पुत्री है।

 

आवश्यक होगा कि प्रधानमंत्री को प्रेषित पत्र पर आवश्यक पहल करने के साथ-साथ सृष्टि का इलाज वर्तमान में अपोलो में चल रहा है, जिसके लिए जन सहयोग से भी राशि जुटाई गई है जो पर्याप्त नहीं है। सांसद ने कोयला मंत्री से आग्रह किया है कि सृष्टि का प्रारंभिक तौर पर हो रहे इलाज में एसईसीएल प्रबंधन पूरी तरह जिम्मेदारी का निर्वहन करे। इसके लिए आवश्यक निर्देश देने का आग्रह सांसद ने किया है।

स्पाइनल मस्कुलर एट्रोफी तंत्रिका तंत्र (नर्वस सिस्टम) की बीमारी है, जो शिशुओं में होती है। इसमें दिमाग और मेस्र्दंड की तंत्रिकाओं की कोशिकाएं टूटने लगती हैं। तंत्रिका तंत्र की कोशिकाओं के टूटने से दिमाग की मांसपेशियों को संदेश नहीं दे पाती हैं। इस कारण इस बीमारी से पीड़ित बच्चा अपनी मांसपेशियों पर नियंत्रण नहीं रख पाता है। उसे दूध-पानी या कोई भी तरल पदार्थ, भोजन निगलने और सांस लेने में भी कठिनाई होती है।

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