छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने किया दूसरे राज्यों से औद्योगिक अपशिष्ट लाने का आदेश निरस्त

 

बिलासपुर। दूसरे राज्यों से हानिकारक अपशिष्ट लाने के संबंध में पर्यावरण प्रदूषण मंडल के आदेश को हाई कोर्ट ने निरस्त कर लिया है। इस मामले में दायर जनहित याचिका पर हाई कोर्ट ने महत्वपूर्ण आदेश जारी किया है।

रायपुर निवासी रजनीश अवस्थी ने वकील मनयनाथ ठाकुर के माध्यम से हाई कोर्ट में जनहित याचिका दायर की है। इस प्रकरण की सुनवाई के दौरान राज्य शासन व पर्यावरण प्रदूषण मंडल के साथ ही केंद्र सरकार ने जवाब प्रस्तुत कर दिया है।

बीते आठ फरवरी को हाई कोर्ट ने सभी पक्षों की सुनवाई के बाद फैसला आदेश के लिए सुरक्षित रख लिया था। चीफ जस्टिस पीआर रामचंद्र मेनन व जस्टिस पीपी साहू ने पांच फरवरी 2020 को जारी छत्तीसगढ़ पर्यावरण प्रदूषण मंडल के आदेश को खारिज कर दिया है। इस आदेश के तहत पर्यावरण मंडल ने दूसरे राज्यों से हानिकारक औद्योगिक अपशिष्ट लाने की अनुमति दी थी। इस याचिका में बताया गया कि छत्तीसगढ़ राज्य में नियमानुसार खतरनाक औद्योगिक अपशिष्ट प्रबंधन की सुविधा नहीं है।

इसके चलते इसके नष्टीकरण से प्रदूषण बढ़ने का खतरा रहता है। इसके बाद भी छत्तीसगढ़ पर्यावरण बोर्ड ने प्रदेश के साथ ही दूसरे राज्यों के खतरनाक औद्योगिक अपशिष्ट को भी यहां लाकर नष्ट करने की अनुमति दे दी है। जबकि नियमानुसार सुविधा ही उपलब्ध नहीं है तो इस तरह से दूसरे राज्यों के औद्योगिक अपशिष्ट को यहां लाकर नष्ट करना अवैधानिक है।

खतरनाक रसायन के कारण राज्य का पर्यावरण, पानी, हवा और मिट्टी खराब होने की आशंका है। वहीं प्रदूषण बढ़ने से सीधा असर लोगों के स्वास्थ्य पर पड़ेगा। युगलपीठ ने जनहित याचिका को स्वीकार करते हुए पर्यावरण प्रदूषण रोकने महत्वपूर्ण आदेश जारी किया है। इसके बाद अब छत्तीसगढ़ में दूसरे राज्यों से हानिकारक औद्योगिक अपशिष्ट लाने पर प्रतिबंध लगेगा।

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