पाटेश्वर धाम धार्मिक स्थल के लिए वन विभाग द्वारा जारी नोटिस से श्रद्धालुओं में रोष

के एस ठाकुर

राजनांदगांव, 24 नवंबर। बालोद जिले के  अंतर्गत लोहारा ब्लॉक के जामड़ी पाठ में स्थित हैं पाटेश्वर धाम के निर्माण एवं स्थापित मंदिर को अतिक्रमण की श्रेणी में मानते हुए दुर्ग वन वृत्त के बालोद वन मंडल अधिकारी के द्वारा जारी नोटिस के संबंध में श्रद्धालु भक्त जनों  दर्शनार्थियों एवं ग्रामीणों में रोष एवं दुख है। पाटेश्वर धाम जो कि ना सिर्फ दुर्ग संभाग अपितु  छत्तीसगढ़ के प्रसिद्ध धार्मिक स्थलों में से एक है। जहां हजारों श्रद्धालु एवं दर्शनार्थी आस्था भक्ति कै साथ  दर्शन के लिए आते हैं । यह धाम अत्यधिक रमणीय  एवं मनोहारी है तथा विहंगम दृश्य  के मध्य स्थित है ।विगत 40 45 वर्षों से यह भक्तों की आस्था का केंद्र है एवं श्रद्धालु भक्तजन ग्रामीण एवं आम जनों के द्वारा दिया जा रहा है सहयोग से  भव्य मंदिर निर्माणाधीन है। गौरतलब है कि यह धार्मिक स्थल खूबसूरत वादियों के मध्य है जो कि पर्यटन केंद्र रूप में विकसित करने योग्य है विभाग इस पर ध्यान न देते हुए इसे अतिक्रमण मानकर नोटिस जारी कर लाखों हजारों श्रद्धालु भक्तजन आस्था एवं विश्वास को ठेस पहुंचाई है  दुखी किया है। यदि यह अतिक्रमण है तो फिर इतने वर्षों से वहां पदस्थ वन अधिकारियों ने कभी किसी प्रकार की कार्यवाही क्यों नहीं किए इतने वर्षों बाद क्या वन विभाग निंद्रा से जागा है ।यह  धाम विगत 40 -45 वर्षों से श्रद्धा आस्था भक्ति क विशेष केंद्र रहा है।

यदि यह अतिक्रमण है तो  फिर इन वर्षों में पदस्थ वन विभाग के सभी स्तर के अधिकारी अतिक्रमण को प्रशय देने के लिए जिम्मेदार हैं उन सभी पर भी अनुशासनात्मक कार्यवाही की जानी चाहिए ।वन विभाग द्वारा  नोटिस भेजे जाने की कार्रवाई हिंदुओं की आस्था एवं विश्वास को ठोस पहुंच चाने वाली  कोई कार्रवाई है, या फिर भाईचारे और शांति तथा आपसी सौहार्द परस्पर विश्वास संस्कृति  एवं परंपरा के लिए  पूरे भारत में जाने जाने वाले लिए प्रसिद्ध छत्तीसगढ़ के शांति  को परोक्ष रूप से बिगाड़ने की कोई कार्यवाही।

वन विभाग द्वारा जारी नोटिस के परिपेक्ष  में पाटेश्वर धाम के महान संत राम जानकी दास त्यागी एवं संत बालयोगेश्वर रामगोपाल बालक दास तथा भक्तजनो के प्रति निधिमंडल प्रदेश के राज्यपाल  महामहिम  अनुसुइया उइके एवं गौ सेवा आयोग के अध्यक्ष से सौजन्य भेंट कर नोटिस को रोके  जाने के संबंध में ज्ञापन सौंपते हुए अनुनय विनय किया है । पाटेश्वर धाम को मिले वन विभाग के नोटिस  को लेकर हिंदू समाज, संत सामाजिक संगठन श्रद्धालु   भक्तों तधा ग्रामीणों  में जबरदस्त आक्रोश देखने को मिल रहा है। वही इस प्रकार के नोटिस से सभी अचंभित एवं दुखी भी है।  केवल पाटेश्वर धाम एक ऐसा धार्मिक स्थल नहीं है जो वन  क्षेत्र के आसपास निर्मित है बल्कि विभिन्न समुदाय के अनेक धार्मिक स्थल आस्था के केंद्र विभिन्न जगहों में वन क्षेत्र  के आसपास निर्मित है ।विभाग की ओर से आज तक उन पर किसी प्रकार की कार्यवाही क्यों नहीं की गई क्या भविष्य में वन विभाग छत्तीसगढ़ के वन क्षेत्र आसपास निर्मित समस्त धार्मिक स्थलों आस्था के केंद्र के लिए इसी प्रकार कार्रवाई करेगी ।केवल पाटेश्वर धाम के लिए नोटिस जारी करना कहीं न कहीं दर्शाता है कि इसमें राजनीतिक असर भी दिखाई दे रहा है  संत योगेश्वर  रामगोपाल बालक दास जी पूर्वर्ती भाजपा शासनकाल में गौ सेवा आयोग के अध्यक्ष भी रह चुके हैं। जिले के अनेक सामाजिक संगठन  विश्व हिंदू परिषद, आरएसएस शिवसेना बजरंग दल तथा  भाजपा के पदाधिकारी एवं सदस्यगण संघचालक विष्णु साहू मधुसूदन यादव कोमल सिंह राजपूत नंदू साहू द्वारा विरोध प्रदर्शन करते हुए इस नोटिस को जारी करने वाले संबंधित अधिकारी के विरुद्ध कार्यवाही की मांग तथा नोटिस को निरस्त करने के संबंध में कलेक्टर राजनांदगांव से भेंट कर  राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपा हैं।

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